Monday, 31 July 2017

शुगर का ये देसी इलाज आपको दिलाएगा हर समस्यार से निजात!

 1. शुगर की देशी दवा

मधुमेह के साथ लोगों को हर दिन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सौदा करना पड़ता है. मधुमेह खराब खान-पान और अनियंत्रित आदतों की वजह से बढ़ जाता है. मधुमेह का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे उससे पूरी तरह से खत्म किया जा सके इसलिए लोग अक्सर उसे अनुपचारित छोड़ देते है.

2. शुगर की देशी दवा


यह अंधापन, गुर्दे की बीमारी, रक्त वाहिनियों को नुकसान, संक्रमण, हृदय रोग, तंत्रिका क्षति, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, अंग विच्छेदन और कोमा आदि बीमारियों को पैदा कर सकता है. वैसे तो बाजार में मधुमेह का इलाज इन्सुलिन और मेडिसिन्स द्वारा उपलब्ध है मगर हम आपको कुछ ऐसे देसी इलाज बताएंगे जो आप घर बैठे कर सकते है.

3. प्राकृतिक कच्चा भोजन

प्राकृतिक कच्चा भोजन सभी प्रकार के रोगों के लिए सबसे अच्छी दवा है. कच्चा भोजन शरीर के एंजाइमों में मिल जाता है. ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें कच्चा खाया जा सकता है उन्हें कच्चा भोजन बोलते है जैसे की स्प्राउट्स, फल, जूस, नट आदि.

4. प्राकृतिक कच्चा भोजन

ऐसा कच्चा भोजन जिनमें फाइबर अधिक अधिक होता यही वो धीरे-धीरे शुगर लेवल को शरीर से खींच लेते है और इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है. फाइबर ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखने का सबसे अच्छा काम करता है. सेब, खुमानी, चुकंदर, जामुन, गाजर, खट्टे फल आदि फाइबर से भरपूर होते है.

5. अच्छा और संतुलित आहार

ऐसा आहार जो सब्जियों और फलों का एक परफेक्ट मिक्स हो जिसमें सभी विटामिन्स और मिनरल्स हो जोकि शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को अनचाहे रोगों से बचाए और ब्लड शुगर के हाई लेवल को कम करके शुगर को संतुलन में रखे.

6. रोजाना व्यायाम

व्यायाम बिना किसी दवाई के मधुमेह को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है. यह रोग की गंभीरता को कम कर देता है और काफी लंबे समय तक जटिलताओं के जोखिम को कम करता है. व्यायाम उन लोगों को जरूर मदद करता है जो शुगर से इसलिए ग्रस्त है क्यूंकि उनका वजन ज्यादा है. 

7. रोजाना व्यायाम

व्यायाम इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को कम करके टाइप 2 मधुमेह के मूल कारण से निपटने के लिए मदद करता है. इसके अलावा नियमित व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और उच्च रक्तचाप को कंट्रोल में रखने में मदद करता है.

8. मेडिटेशन/ध्यान लगाना

ध्यान हमारे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है. मेडिटेशन करने से कोर्टिसोल , एड्रेनालाईन और नार एड्रेनालाईन के रूप में तनाव हार्मोन इंसुलिन और ग्लूकोज के स्तर के उत्पादन को तेज करके शुगर लेवल को संतुलित करता है. ये पाचन सिंड्रोम और मधुमेह को सामान्य करने में मदद करता है.


Saturday, 29 July 2017

महिलाओं को बांझपन से मुक्‍ती दिलाए ये 8 घरेलू उपचार

कम से कम एक वर्ष तक नियमित, समयोचित एवं बिना किसी गर्भ-निरोधक का उपयोग करते हुए सम्भोग करने वाली स्त्री, जब गर्भधारण करने में असमर्थ रहती है, तो उसे बांझपन या बाँझपन से जुडी समस्या माना जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गर्भावस्था बनाए रखना और एक जीवित बच्चे को जन्म ना दे पाने में असमर्थता भी, बांझपन में ही सम्मिलित हैं। स्त्रियों में प्रजनन क्षमता विभिन्न स्वास्थ्य समस्यायों से प्रभावित हो सकती है, जैसे कि :- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओ), ऐंडोमेटरिओसिज़, श्रोणि सूजन की बीमारी, गर्भाशय फाइब्रॉएड, एनीमिया, थायराइड की समस्याएं, अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूबज़, कैंडिडा और यौन संचारित रोग (एसटीडी) इत्यादि ।

इसी प्रकार अधिक मदिरा-सेवन, धुम्रपान, आयु (35 वर्ष से अधिक), मोटापा, अत्यधिक-तनाव, अनियमित एवं दर्दपूर्ण माहवारी की समस्या, पोषण-रहित भोजन या फिर अत्यधिक शारीरिक-प्रशिक्षण भी स्त्री की गर्भ-धारण क्षमता को प्रभावित करते हैं । ऐसे में, इन-विट्रो-फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) या सरोगेट-मां के माध्यम से कई महिलाएं बच्चा प्राप्त करने में सफल हुई हैं। परन्तु हर एक स्त्री इन तकनीकों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, क्योंकि महंगी होने के कारण यह हर एक की पहुँच में नहीं हैं।

इन परिस्थितियों में, कुछ प्राकृतिक और हर्बल उपचार भी बांझपन के मूल कारणों से लड़ने, और गर्भवती होने की संभावनाओं को बढाने में मददगार हैं। स्वस्थ जीवन-शैली, जैसे कि :- नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ-आहार भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। यहाँ स्त्री-बाँझपन के निवारण हेतु आठ शीर्ष उपचार दिए गए हैं ।

1. अश्वगंधा 
यह जड़ी बूटी हार्मोनल-संतुलन को बनाए रखने और प्रजनन अंगों के समुचित कार्य-क्षमता को बढ़ावा देने में कारगर है । यह बार-बार हुए गर्भपात के कारण, शिथिल-गर्भाशय को समुचित आकर में लाकर उसे स्वस्थ बनाने में मदद करती है। गर्म पानी के एक गिलास में अश्वगंधा चूर्ण का 1 चम्मच मिश्रण बनाकर, दिन में दो बार लें ।

2. अनार 
यह गर्भाशय के रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है, और गर्भाशय की दीवारों को मोटा कर के गर्भपात की संभावना को कम करने के लिए सहायक है। साथ ही, यह भ्रूण के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देता है । अनार के बीज और छाल को बराबर मात्रा में मिलाएं उसका महीन चूर्ण बनाकर, एक एयर-टाइट जार में रख लें । कुछ हफ्तों के लिए दिन में दो बार गर्म पानी के एक गिलास के साथ इस मिश्रण का आधा चम्मच लें । आप ताजा अनार-फल भी खा सकते हैं, और अनार का ताज़ा रस भी पी सकते हैं ।

3. दालचीनी 
दालचीनी डिम्ब-ग्रंथि के सही-सही रूप से कार्य करने में मदद कर सकती है । और इस तरह से बांझपन से लड़ने में प्रभावशाली सिद्ध हो सकती है । यह पी सी ओ, बांझपन के मुख्य कारणों में से एक, के इलाज में भी मदद करती है। गर्म पानी के एक कप में, दालचीनी पाउडर का 1 चम्मच मिलाएं । कुछ महीनों के लिए दिन में एक बार इसे पीते रहें । इसके अलावा, अपने अनाज, दलिया, और दही पर भी दालचीनी पाउडर का छिड़काव कर के इसे अपने आहार में शामिल करें।

4. एक अच्छा-संतुलित आहार लें 
एक अच्छी तरह से संतुलित आहार लेना, प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए एक और महत्वपूर्ण कारक है। एक स्वस्थ, संतुलित आहार स्वास्थ्य की उस दशा या बीमारियों को रोकने में मदद करता है जो बाँझपन का कारण हो सकती हैं साथ ही, यह गोदभराई की संभावना को बढाता है ।

5. खजूर 
 खजूर, गर्भ धारण करने के लिए, आपकी क्षमता को बढाने में मदद कर सकते हैं। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे कि:- विटामिन ए, ई और बी लोहा और अन्य ज़रूरी खनिज, जोकि एक महिला को गर्भ धारण करने के लिए और गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक आवश्यक हैं। 2 बड़े चम्मच कटे हुए धनिये की जड़ के साथ 10 से 12 खजूर (बीज के बिना) पीस लें। पेस्ट बनाने के लिए गाय के दूध के ¾ कप मिलाएं और इसे उबाल लें। इसे पीने से पहले ठंडा होने दें। अपनी अंतिम माहवारी की तारीख से, एक सप्ताह के लिए, इसे दिन में एक बार पियें। एक स्वस्थ-नाश्ते के रूप में प्रतिदिन 6-8 खजूर खाते रहें और दूध, दही और स्वास्थ्य-पेय में भी कटे हुए खजूर का समावेश करें।

6. विटामिन-डी 
विटामिन-डी गर्भावस्था के लिए और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए आवश्यक है। वास्तव में, विटामिन-डी की कमी, बांझपन और गर्भपात का कारण हो सकती है । सुबह- सुबह 10 मिनट के लिए धूप जरूर सेकें ताकि आपके शरीर में विटामिन-डी का निर्माण हो सके । विटामिन-डी से युक्त भोजन जैसे कि सामन (salmon), पनीर, अंडे की ज़र्दी और विटामिन-डी से सशक्त भोज्य-पदार्थों का सेवन करें । आप विटमिन-डी का सेवन गोलियों के रूप में भी कर सकती है परन्तु अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद ।

7. बरगद के वृक्ष की जडें 
आयुर्वेद के अनुसार, बरगद के पेड़ की कोमल जडें महिला-बांझपन के इलाज में प्रभावी हैं । कुछ दिनों के लिए धूप में एक बरगद के पेड़ की कोमल जड़ों को सुखाएं । फिर इसका महीन चूरण बनाकर एक बंद डिब्बे में रख लें । एक गिलास दूध में चूरण के 1 से 2 बड़े चम्मच मिलाएं । माहवारी का समय खत्म होने के बाद लगातार तीन-रातों के लिए, खाली पेट इसे एक बार पियें । इसे पीने के बाद एक घंटे के लिए कुछ भी खाने से बचें । कुछ महीनों के लिए इस उपाय का पालन करें।

8. योग प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद हेतु कुछ योगासन है जैसे कि :- नाड़ी- शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, पश्चिमोत्तानासन, हस्तपादासन, जानू शीर्षासन, बाधा कोनासना, विपरीत-करणी और योग निद्रा इत्यादि । याद रखें, योग का लाभ लेने के लिए इसे ठीक-प्रकार से किया जाना चाहिए।

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Thursday, 27 July 2017

महिलाओं की योनि में खुजली के कुछ प्रमुख कारण

महिलाओं या लड़कियों की योनि में खुजली होना एक आम समस्या है। यूं तो ज्‍यादातर महिलाएं इस बारे में खुल कर बात नहीं करती लेकिन जब यह समस्‍या असहनीय बन जाती है तब जा कर कुछ महिलाएं अपना मुंह खोलती हैं। योनि खुजली योनि (गुप्तांग) की बाहरी त्वचा पर खरोंचने की इच्छा को कहते हैं। यह एक कष्टप्रद समस्या है जिसका समय रहते इलाज बेहद जरूरी होती है। यह महिलाओं के लिए एक चिंताजनक समस्या है, खासकर अगर यह जीर्ण (क्रोनिक) रूप में होती है, और यह बहुत बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है।

महिलाओं या लड़कियों की योनि में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों में खमीर संक्रमण (ईस्‍ट इन्फेक्शन) होना, रोजाना सफाई-धुलाई न करने से अस्वच्छता का होना या फिर किसी एलर्जी के कारण हो सकता है। सेक्‍स, ज्‍यादा चीनी के सेवन, एंटीबॉयोटिक्‍स या फिर कमजोर इम्‍मयून सिस्‍टम की वजह से योनि में खमीर की संख्‍या बढ जाती है। यहां तक कि जो आप सुगन्‍धित बॉडी वॉश का प्रयोग करती हैं वह भी योनि के पीएच लेवल को बिगाड़ सकती है। ये दोनों कारण भी योनि के खुजली के कारक हो सकते हैं जिसका समय रहते रोकथाम और इलाज किया जाना बहुत जरुरी है।

योनि खुजली योनि की त्वचा और आसपास के क्षेत्र के एक झुनझुनी या असहज जलन है। खुजली प्रभावित क्षेत्र को खरोंचने के लिए इच्छा हो सकती है। खुजली और जलन दोनो एक खमीर संक्रमण है, इसके अलावा यह कैंडिडिआसिस के रूप में भी जाना जाता है और यह काफी आम है तथा इसके कई संभावित लक्षण हैं। लक्षण योनी मोटी, योनि से सफेद स्राव और लेबिया की सूजन, योनि के आसपास की त्वचा शामिल हैं। खमीर संक्रमण कभी कभी सेक्स के माध्यम से फैल सकता है, लेकिन हमेशा नहीं। ऐसी स्थिति में साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ डॉक्टर की उचित सलाह ली जानी चाहिए। अन्यथा शुरुआती संक्रमण और तकलीफदेह साबित हो सकता है।
यह समस्या खराब और गंदे अंडर गारमेंट पहनने से भी हो सकती है। साथ ही योनि के आसपास के अवांछित बालों को हटाने के दौरान रेजर या क्रीम के इस्तेमाल से हुई एलर्जी से भी खुजली हो सकती है।

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Wednesday, 26 July 2017

स्तनों का आकार बढ़ाने के आसान तरीके

स्तन स्त्रियों की शारीरिक सुन्दरता को बढ़ाने वाला शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। स्तन का अच्छा आकार स्त्रियों को आकर्षित बनाता है, साथ ही स्त्रियों का आत्मविश्वास बढाता है।  किन्तु हर स्त्री के पास उनकी लम्बाई, वजन और व्यक्तित्व से मिलने वाले अच्छे स्तन नही होते. किसी की लम्बाई बड़ी बड़ी है तो स्तन छोटे है, तो किसी की वजन कम है पर स्तन बड़े बड़े हो जाते है।  ऐसा होने पर औरतें समाज में बैठने में हिचकिचाने लगती है।  अगर आप भी ऐसा ही महसूस करती है तो आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे है जो आपके स्तन को न सिर्फ बढ़ायेंगे बल्कि आपके स्तन को एक अच्छा आकर भी देंगे जिससे आपकी सुन्दरता में निखार आता है।

आप अपने आहार को सतुंलित करके अपने ब्रेस्ट को सही आकार दे सकती हैं। ब्रेस्ट का आकार बढ़ाने के लिए यह सबसे आसान तरीका है। फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करें।

ब्रेस्ट के साइज को बढ़ाने के लिए व्यायाम सबसे आसान तरिका है। व्यायाम करने से आपके शरीर की सुंदरता में भी निखार आएगा। इसके लिए आप दोनों हाथों में 5 किलो वजन ले और एक कुर्सी पर बैठे जाए, और इसे लिफ्ट करें। ध्यान रखें कि आपके हाथ आपके कंधे के बराबर हों।

विटामिन की खुराक लेने से भी ब्रेस्ट का आकार बढ़ता है। विटामिन की खुराक लेना स्वाभाविक रूप से आपके ब्रेस्ट के आकार को बढ़ावा देने में मदद कर सकता हैं।

तत्काल परिणाम के लिए सर्जरी सबसे अच्छा तरीका है, और साथ ही ब्रेस्ट को बढ़ाने के लिए यह सबसे प्रभावी तरीका भी है। हालांकि इस तरीके के कुछ साइड इफेक्ट्स भी सामने आ सकते हैं और ये काफी ज्यादा महंगा भी होता है।

इन सरल और सफल उपचारों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर और कुछ सप्ताह की प्रतीक्षा के बाद आप पाएंगी कि आपके स्तन का आकर पहले से सफलतापूर्वक बढ़ गया है। ये ब्रेस्ट इनलार्जमेंट टिप्स आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा देने,आपको अधिक लोगों की नजर में लाने,फिट और आकर्षक बॉडी शेप देने में अहम योगदान भी देगा।
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Monday, 24 July 2017

क्या होता है शीघ्रपतन और क्या इसका इलाज संभव है ........?

आज हम बात करने वाले हैं शीघ्रपतन (premature ejaculation) के बारे में | अगर आप शीघ्रपतन का मतलब देखें तो इसका मतलब होता है जल्दी गिर जाना ... जी हाँ जल्दी गिर जाना मतलब वीर्य का बहुत ही जल्दी स्खलित हो जाना शीघ्रपतन कहलाता है | इस परिस्थिति में होता क्या है कि सम्भोग के दौरान पुरुष बहुत जल्दी स्खलित हो जाता है , उसका वीर्यपात एक मिनट के अन्दर हो जाता है पुरुष कितना भी रोकना चाहे पर वीर्यपात हो ही जाता है  और कुछ के साथ तो यहाँ तक होता है कि सम्भोग के पहले ही उनका वीर्यपात हो जाता है और आप एक बात बहुत अच्छे से समझ लीजिये कि अगर आप के साथ भी यह समस्या है तो इस बारे में जरा गंभीर हो जाइये क्यूंकि इसका आपकी सेक्स लाइफ पर बहुत बुरा असर पड़ता है | इस परिस्थिति में स्त्री पूरा सुख नहीं उठा पाती और फिर उन दोनों के रिश्तों में अकारण ही तनाव उत्पन्न होता है और पुरुष हीन भावना का शिकार हो जाता है |

अब आप ही सोचिये कि इसकी वजह से आपकी साथी पर क्या असर पड़ेगा , आपकी इमेज उसके नजरों में क्या बनेगी ये मुझे शायद बताने कि जरुरत नहीं है आप खुद समझदार हैं | पूरी दुनिया में करीब 30 प्रतिशत पुरुष इस सेक्सुअल डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं |

इस यौन व्याधि कि सबसे ख़राब दशा वह होती है जब आप चुम्बन या आलिंगन करते समय ही स्खलित हो जाएँ , आपका वीर्यपात हो जाये और यह यौन व्याधि पुरुष के शारीरिक और मानसिक स्थिति पर निर्भर करती है और यह पूरी तरह से ठीक की जा सकती है कुछ आसन से स्टेप्स में जिनके बारे में हम बात करेंगे |

कुछ उपाय जो शीघ्रपतन को ख़त्म या कम कर सकते हैं

  1. सबसे पहले तो नशा करना छोड़ दें किसी भी प्रकार का नशा हो वह आपकी सेक्स क्षमता को घटाता है और अगर मन न मने तो आप पान खा सकते हैं वो भी बिना जर्दा , तम्बाकू का |
  2. टेंशन से दूर रहें,क्यूंकि शीघ्रपतन का मुख्य कारण है तनाव और टेंशन |
  3. अपने खान पान का पूरा ध्यान रखें फ़ास्ट फ़ूड से दूर रहें |
  4. सेक्स के पहले फोरप्ले पर ध्यान दें (फोरप्ले पर पोस्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |
  5.  अपने अन्दर आत्मविश्वास की कमी न होने दें मैंने आपको पहले ही बताया कि दिमाग से यह बात निकाल दें कि यह एक बीमारी है |
  6. सम्भोग के दौरान हर एक मिनट में ब्रेक लें और चुम्बन , आलिंगन आदि करें इससे आपका टाइम बढेगा |
  7. दवा वैकल्पिक है चाहे तो अश्वगंधा , सफ़ेद मूसली और शीलाजीत आदि का प्रयोग कर सकते हैं यह आर्युवेद की दवाइयां आपको बहुत लाभ पहुंचा सकती हैं पर इनका प्रयोग करने से पहले किसी चिकित्सक से संपर्क जरुर कर लें |
  8. सेक्स के दौरान किसी भी प्रकार कि जल्दबाजी न करें 
  9. सम्भोग के साथ ही साथ एक दुसरे से बात भी करते रहें इससे आपका ध्यान (आपका ध्यान जो सेक्स में ही लगा है ) वह उससे हटेगा और इससे भी आपकी टाइमिंग बढ़ेगी |
  10. संभव हो तो सरसों के तेल से शरीर कि मालिश हफ्ते में कम से कम दो दिन तो जरुर करें |
मित्रों आशा है यह पोस्ट आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगी अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों तक जरुर शेयर करें | और अब अगली पोस्ट में मुलाकात होगी तब तक आप सभी खुश रहें मस्त रहें |
धन्यवाद |
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क्यों होता है पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन ?

इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों में होने वाला एक यौन रोग है, जिसे इम्पोटेंस या नपुंसकता के नाम से भी जानते हैं। यह एक तरह से यौन निष्क्रियता जैसी बीमारी है, जिसमें पुरुष अपने पार्टनर के साथ सेक्स बना पाने में सक्षम नहीं होते हैं। क्योंकि, यह समस्या तब उत्पन्न होती है, जब उनके सेक्स ऑर्गन में ब्लड सर्कुलेशन सही ढंग से काम नहीं करता है। जिस कारण उनके प्राइवेट अंग की आर्टरीज (धमनियों) में  ब्लड सर्कुलेशन में कमी आ जाती है, जिससे कि वह सेक्स कर पाने में असफल होते हैं।

हालांकि, इस तरह की समस्या एक बढ़ती उम्र के साथ ज्यादातर होती है, वहीं दूसरी ओर यदि इस तरह की समस्या किसी युवा को हो रही है, तो इसके बहुत से कारण हो सकते हैं। क्योंकि पुरुषों में, अंतरंग संबंधों के लिए जनन अंगों में रक्त का उचित प्रवाह होना जरूरी है, लेकिन ऐसे बहुत से कारण हो सकते हैं, जिनके कारण व्यक्ति के सेक्स ऑर्गन में ब्लड सर्कुलेशन नहीं होता। आमतौर पर, इस तरह की समस्या उन व्यक्तियों में ज्यादा पाई जाती है, जिनमें हृदय रोग, तनाव, चिंता या फिर किसी ऐसी दवाई का प्रयोग जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने के मुख्य कारण


  • ह्रदय रोग के कारण
  • ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट के कारण
  • डायबिटीज के कारण
  • मोटापे के कारण
  • पार्किंसंस रोग (तंत्रिका तंत्र से जुड़े रोग)
  • धूम्रपान
  • कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होने के कारण
  • दवाओं द्वारा नशा करना
  • या किसी अन्य दवा का प्रयोग
  • मानसिक दबाव के कारण
  • बढ़ती उम्र के कारण
इसके अलावा, मेटाबोलिक सिंड्रोम जो कई सारी ऐसी समस्याओं का समूह होता है, जिसमें व्यक्ति का ब्लड प्रैशर, इन्सुलिन स्तर, कोलेस्ट्रॉल की समस्या और मोटापा सब एक साथ होता है, जिस कारण यह समस्या उत्पन होती है। हालाँकि, आप इस समस्या से छुटकारा पाने में अपने डॉक्टर से संपर्क करें और खुल कर अपनी समस्याओं को रखें।

Friday, 21 July 2017

लिंग का साइज बढ़ाने के नैचरली टिप्स

हर पुरुष के लिंग मे लंबाई, मोटाई तथा स्थिरता में भिन्नता तो अवश्य होती पर इस भिन्नता का यौन संतुष्टी, गर्भाधारण तथा यौन क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पडता. वास्तव में स्त्री के योनि का उपरी एक तिहाई भाग ही यौन स्पर्श के प्रति संवेदनशील होता है. अत; उत्तेजित अवस्था मे यदि शिश्न की लंबाई केवल 2 से.मे. भी हो तो वह अपने यौन साथी को प्रयाप्त यौन आनंद प्रदान करा पाने मे सक्ष्म होता है.
बॉडी की निगेटिव इमेज से सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी ग्रसित रहते हैं। पुरुषों में हीन भावना की जो सबसे आम समस्या है वह उनका अपने पेनिस (लिंग) के साइज को लेकर चिंतित रहना। अगर आप भी हैं इस परेशानी से पीड़ित हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है अपनाइए ये टिप्स और नैचरली बढ़ाइए अपने लिंग का साइज… 

तनाव कम करिएः

निराशा और तनाव भी पेनिस के साइज को घटा देते हैं क्योंकि तनाव की स्थिति में ब्लड पेनिस से वापस लौट जाता है और पेनिस का साइज बढ़ नहीं पाता। परफॉर्मेंस का डर भी पेनिस के छोटे होने के कारणों में से एक है।

स्मोकिंग करना छोड़ दें:

सिगरेट के छोटे-छोटे कण धमनियों को ब्लॉक कर देते हैं जिससे शरीर के सभी हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता और शरीर के ठीक से विकास नहीं हो पाता। यही बात शरीर के दूसरे हिस्से के साथ पेनिस पर भी लागू होती है। इसलिए स्मोकिंग करना बंद कर दें।

हाई कैलरी के खाने को न कहें:

ज्यादा फैट और कैलरी वाले खाने से न सिर्फ दिल की बीमारियों का खरता बढ़ जता है बल्कि पेनिस के छोटे होने का भी खतरा रहता है। ऐक्ससार्इज और शारीरिक मेहनत न करने पर आपके धमनियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का भी खतरा रहता है, जिससे आपके लिंग में बल्ड सर्कुलेशन कम हो सकता है। इसलिए मोटे और स्वस्थ पेनिस (लिंग) के लिए जंक फूड खाना छोड़ दें।

नियमित एक्सर्साइज करें:

सिर्फ मजबूत मसल्स और वेट कम करने के लिए ही जिम जाने की वजह नहीं होती। अगर आप अपने पेनिस (लिंग) का साइज बढ़ाना चाहते हैं तो जिम जाइए, जिससे धमनियां का रास्ता साफ हो और बल्ड सर्कुलेशन भी ठीक ढंग से हो।

पेट का फैट कम करिएः

ज्यादा भारीभरकम पेट से पेनिस (लिंग) छोटा लगने लगता है। भले ही पेनिस (लिंग) बड़ा भी है लेकिन आपके भारीभरकम पेट के सामने वह छोटा ही नजर आएगा। इसलिए पेट के फैट को कम करिए।

ज्यादा सब्जियां और फल खाएं:

उन फलों और सब्जियों को खाएं जिनमें ऐंटि-ऑक्सिडेंट ज्यादा हो। यह कंपाउंड धमनियों में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और धमनियों को मजबूत बनाता है। इसलिए ऐंटि-ऑक्सिडेंट से भरपूर फल और सब्जियों के सेवन से आप अपने पेनिस के साइज को बढ़ा सकते हैं।

मेडिटेशन करें:

बेहतर सेक्स लाइफ के लिए मेडिटेशन करिए या योगा करिए। मेडिटेशन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पेनिस का साइज बढ़ता है।

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